सरकार ने जीएसटी 2.0 के तहत वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली में ऐतिहासिक सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया है। नए प्रस्तावित ढांचे में अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब – 5% और 18% रखे जाएंगे।

आम जरूरतों की चीजें होंगी सस्ती
खाने-पीने की वस्तुएं और दवाइयां अब सस्ती हो जाएंगी। इससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी मासिक घरेलू बजट पर राहत का असर दिखेगा।
बीमा प्रीमियम पर बड़ी राहत
अब तक बीमा प्रीमियम पर 18% जीएसटी लगता था, लेकिन जीएसटी 2.0 में इसे 0% या 5% किया जा सकता है। यह बदलाव खासकर वरिष्ठ नागरिकों और बीमा योजनाओं से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
व्यापार और अर्थव्यवस्था पर असर
सिर्फ दो स्लैब लागू होने से टैक्स स्ट्रक्चर आसान और पारदर्शी होगा। इससे व्यापारियों की अनुपालन लागत कम होगी और बाजार में उत्पादों की कीमतें स्थिर होने की उम्मीद है।
➡ कुल मिलाकर, जीएसटी 2.0 से आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम होगा और भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।